21/03/2026
पाकिस्तान पहुंचने से पहले जसकीरत आखिरी बार अपने परिवार की तस्वीर देखता है और उसे जला डालता है...
पाकिस्तान से बच कर भारत पहुंचने पर वो उसी परिवार से मिलने का मोह नही छोड़ पाता पर दूर से ही उन्हे देख लौट जाता है... वो बंद होता दरवाजा उसे याद दिलाते हैं कि उसकी जरूरत देश को है,उसका परिवार उसके बिना भी ठीक है..
फिर वो आखिरी अपनी चीज अपने देश के लिए अपने बच्चे और पत्नी की तस्वीर जलाता है ,क्योंकि उसने भी कहा होता है कि अब उसके अंदर कुछ नही बचा है,बस बचा है तो देश को बर्बाद करने वालों से बदला लेने की आग...
होते हैं ऐसे पागल लोग बार्डर पर,बार्डर पार,जाने कहां कहां... जिसके लिए परिवार,प्यार सबसे ऊपर उनका देश होता है।
जिस दिन कोई भारतीय देश के लिए काम करने लगता है,उसका अपना कुछ नही होता ना प्यार, ना परिवार,ना खुद के लिए वक्त,ना खुद उसकी जान....
अगर ये बातें प्रोपेगंडा हैं तो प्रैक्टिकली कहूं तो ये जो बाते कह रहे हैं ,उनके लिए ये देश कुछ मायने नही रखता.... वो बस देश की संपदा को चूस रहे हैं और इसके बदले इस पूरे देश को अपनी जाहिलियत दिखा रहें और कुछ नही....