16/01/2023
असली तकलीफ क्या होती है? ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज में भी सरफराज खान का चयन नहीं हुआ। इससे एक संदेश जो स्पष्ट तौर पर सामने आया है, वह यह है कि रणजी ट्रॉफी में किया गया प्रदर्शन अब चयनकर्ताओं के लिए कोई मायने नहीं रखता। सरफराज खान खामोश हैं लेकिन उनके आंकड़े चीख-चीख कर जुल्म की दास्तान कह रहे हैं। अगर बात की जाए साल 2021-22 रणजी ट्रॉफी सीजन की तो सरफराज ने 122.75 की औसत से 4 शतक और 2 अर्धशतक की मदद से 982 रन बनाए। जिसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 275 था। इस बीच, रणजी ट्रॉफी के मौजूदा संस्करण में भी उन्होंने 107.75 की औसत और 70.54 के स्ट्राइक रेट से 2 शतक और 1 अर्धशतक के साथ 431 रन बना दिए हैं। पर सब बेमानी...! कहते हैं कि कोई तुम्हें तब तक नहीं हरा सकता, जब तक तुम खुद से ना हार जाओ। पर सवाल है कब तक?
मशहूर कॉमेंटेटर हर्षा भोगले ने भी सरफराज को भारतीय टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने पर निराशा जाहिर की है। हर्षा भोगले ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि यह सरफराज खान के लिए बहुत कठोर निर्णय है। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से आगे बढ़ने के लिए रास्ते की हर दीवार को तोड़ दिया है। जितना सरफराज खान ने कर दिया है, उससे ज्यादा करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। ऐसे में उन्हें हर हाल में इंडियन टीम में चुना जाना चाहिए था। पर जो चीज क्रिकेट एक्सपर्ट्स को साफ नजर आ रही है, बीसीसीआई ने उसे ना देखने के लिए मानो आंखों पर काली पट्टी बांध ली है।
यकीन नहीं होता तो अब जरा कुछ आंकड़ों पर नजर डालिए। 25 वर्षीय सरफराज खान ने 36 फर्स्ट क्लास मुकाबलों की 52 पारियों में 80 की औसत से 3,380 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 301* के सर्वाधिक स्कोर के साथ 12 शतक और 9 अर्धशतक लगाए हैं। इसी सरफराज खान ने 29 फर्स्ट क्लास मुकाबलों की 33 पारियों में 2928 रन बनाकर डॉन ब्रैडमैन के रनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। पर वह सब अनदेखा चला गया। अगर सरफराज किसी और देश में ऐसा प्रदर्शन कर रहे होते, तो काफी पहले उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने का अवसर मिल गया होता। भारत में अब ऐसा लग रहा है कि बीसीसीआई और चयनकर्ता घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को महत्व देने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। ऐसे में सरफराज खान का क्रिकेट करियर संकट में नजर आ रहा है।
तमाम क्रिकेट फैंस और पूर्व खिलाड़ियों को सरफराज खान के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए। मौजूदा व्यवस्था में हर सूरत में बदलाव किया जाना चाहिए। रणजी ट्रॉफी में वर्षों से रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन कर रहे सरफराज खान को इंडियन टेस्ट टीम में अवसर दिया जाना चाहिए।
अब जाते-जाते ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनी गई टेस्ट सीरीज की टीम देखते जाइए: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएस भरत, ईशान किशन, आर अश्विन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव, जयदेव उनादकट, सूर्यकुमार यादव। अगर आपने टीम देख ली, तो जरूर बताइएगा कि क्या सरफराज खान इसमें जगह डिजर्व नहीं करते थे?
अब लंबे अरसे तक खामोश नहीं रह सकता हिंदुस्तान
इंडियन टेस्ट टीम में आना ही चाहिए सरफराज खान ❤️