30/05/2026
सभी को नमस्कार
जैसा कि कल्काजी मंदिर में अक्सर भीड़ भाड़ बनी रहती है जिसमें दर्शनार्थी एक दूसरे को धक्का देते हैं
क्या आप सभी सहमत हो सकते हो कि कल्काजी मंदिर में प्रसाद जो चढ़ाया जाता है उसको बंद किया जाए या उसकी व्यवस्था पहले ही कर दी जाए जैसा की माँ वैष्णो देवी में किया जाता है
कालकाजी मंदिर में दर्शन ओर प्रसाद चढ़ाने के चक्कर में किसी को नहीं देखते चाहे वह एक दूसरे के ऊपर चढ़ जाए।
प्रसाद पहले ही ले लिया जाए और दूसरी तरफ से दे दिया जाए मां के सिर्फ दर्शन ही कराया जाए जिससे भीड़ की समस्या कम रहेगी और एक दूसरे को दर्शन करने का मौका मिलेगा
अभी एक दिन पहले मैं रात 10:30 बजे दर्शन करने गया हूं वहां पर ना तो कोई सुरक्षा व्यवस्था थी ,
क्योंकि दर्शनार्थी अपने बच्चों के साथ भी आते हैं , इतनी भीड़ में दर्शन करना बहुत दुर्लभ होता है क्या दर्शन होते हैं वहां तो एक दूसरे को पर चढ़कर घायल करने के चक्कर में लगे रहते हैं वहां से कतार में लगकर ही दर्शन हो मां के तो ठीक रहेगा
कालकाजी कमेटी को ध्यान में रखकर सुझाव लागू कर सकती है
जय मां कालका।