20/10/2026
दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं, बल्कि अपनी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का दिन है।
आज समय है रावण के पुतले के साथ-साथ अपने भीतर और समाज में मौजूद उन बुराइयों को भी जलाने का, जो हमारे देश को कमजोर कर रही हैं — भ्रष्टाचार, जातिवाद, भेदभाव, अंधविश्वास, स्वार्थ और गैर-जिम्मेदारी।
केवल धर्म की बातें करने से नहीं, बल्कि अच्छे कर्म करने, सही का साथ देने और अपनी जिम्मेदारियाँ निभाने से ही देश महान बनेगा।
हमें केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि अपने समाज और अपने देश के भविष्य के बारे में भी सोचना होगा। जब हमारी सोच बड़ी होगी, हमारे कर्म नेक होंगे और हमारा उद्देश्य देश को आगे बढ़ाना होगा, तभी हम अपने समाज को ऊँचाइयों तक ले जा सकेंगे और भारत को विश्व में सर्वोच्च स्थान दिला सकेंगे।
इस दशहरे पर संकल्प लें — बुराइयों का अंत करेंगे, अच्छे कर्म करेंगे और एक बेहतर समाज एवं सशक्त राष्ट्र का निर्माण करेंगे।
विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!