04/06/2026
(Tally Prime Struggle Story)
साल 1986 में जब भारत में कंप्यूटर का उपयोग बहुत सीमित था, तब एक युवा उद्यमी, Bharat Goenka ने अपने पिता के व्यवसाय में एक बड़ी समस्या देखी। व्यवसाय के खातों को हाथ से लिखना पड़ता था, जिसमें बहुत समय लगता था और गलतियाँ भी होती थीं। इसी समस्या को हल करने के लिए उन्होंने एक सरल अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर बनाने का निर्णय लिया।
शुरुआत में सॉफ्टवेयर का नाम Peutronics Financial Accountant था। उस समय लोगों को कंप्यूटर पर भरोसा नहीं था। अधिकांश व्यापारी कागज़ और रजिस्टर में हिसाब-किताब रखना पसंद करते थे। ऐसे माहौल में सॉफ्टवेयर बेचना आसान नहीं था। कई बार ग्राहकों ने इसे अपनाने से मना कर दिया।
लेकिन भारत गोयनका ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार सॉफ्टवेयर को बेहतर बनाया और व्यापारियों की जरूरतों के अनुसार नए फीचर जोड़ते गए। 1991 में Tally Solutions की स्थापना हुई। इसके बाद "Tally" नाम धीरे-धीरे व्यापार जगत में लोकप्रिय होने लगा।
1999 के बाद Tally के नए संस्करण आए, जिन्होंने अकाउंटिंग को और आसान बना दिया। फिर 2009 में Tally.ERP 9 लॉन्च हुआ, जिसने इन्वेंट्री, टैक्सेशन और बिजनेस मैनेजमेंट को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया।
समय के साथ GST जैसे नए नियम आए। व्यवसायों को अधिक सरल और तेज सॉफ्टवेयर की आवश्यकता थी। इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए 2020 में TallyPrime लॉन्च किया गया।