17/09/2026
“तू ही सृष्टि का शिल्पकार
— डॉ. दीपक शरण
“तू ही सृष्टि का शिल्पकार, तू ही जग का आधार,
तेरे कर-कमलों से सजा, यह सुंदर संसार।
तेरी कृपा से कर्म बने, सपनों को मिले आकार,
हे देव विश्वकर्मा! तुझ पर अर्पित श्रद्धा अपार।
तेरी महिमा अमर रहे, गूँजे जय-जयकार,
सदा तेरी जय हो, हे सृष्टि के रचनाकार।”
— डॉ. दीपक शरण