25/07/2026
24 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की दिव्य वापसी रथ यात्रा (बहुदा यात्रा) के पावन अवसर पर जयपुर रथ यात्रा महोत्सव में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ के अत्यंत दुर्लभ एवं प्राचीन "अधरपणा (अधर प्रपानक)" अनुष्ठान के दिव्य दर्शन किए।
नीलाद्री विजय से पूर्व सम्पन्न होने वाले इस प्राचीन अनुष्ठान में भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा को उनके अधरों की ऊँचाई के अनुरूप विशेष पात्रों में पवित्र पेय अर्पित किया गया। तत्पश्चात शास्त्रोक्त विधि के अनुसार उन पात्रों का विसर्जन कर समस्त भूत, प्रेत, पिशाच, यक्ष, गंधर्व एवं अन्य अदृश्य शक्तियों की तृप्ति का विधान सम्पन्न किया गया, जिससे भगवान का श्रीमंदिर में मंगलमय प्रवेश सुनिश्चित हुआ।
॥ जय जगन्नाथ ॥